राजा को बहुत चिंता होने लगी की अब मेरा इतना बड़ा साम्राज्य कैसे सम्हलेगा ? इसकी देखभाल कौन कर पायेगा ?
राजा का निर्णय
एक दिन अचानक भगवान का नाम लेकर राजा ने यह निर्णय लिया की कल सुबह जो भी हमारे दरवाजे पर आने वाला पहला व्यक्ति होगा मैं अपनी बेटी से उसका विवाह कर दूंगा और अपना नया उत्तराधिकारी बना दूंगा |
अगले दिन सुबह – सुबह एक फटी पुरानी कमीज पहने एक लड़का दरवाजे पर दस्तक देता है | राजा ने प्रभु इक्षा समझ कर अपने निर्णय के अनुसार अपनी बेटी की शादी उस लड़के के साथ कर देता है और अपना सारा राज – पाट उसे देकर पहाड़ो पर सन्यास को चला जाता है |